इस्पात उद्योग के एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, हम सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि यह समझौता बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार दूसरे देश में राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण हमें थोड़ा झटका लगा। सौभाग्य से अब एक स्थिर सरकार है। मैं पहले से ही अपने समकक्ष के साथ संपर्क में हूं। हम एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं और संभवत जल्द ही एक व्यक्तिगत बैठक भी करेंगे लेकिन हमारी टीमें पहले से ही लगी हुई हैं। अगले दौर की वार्ता अगले महीने होगी। उन्होंने कहा कि समझौते के लिए उद्योग जगत का समर्थन जरूरी है और यह निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित एफटीए होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि एफटीए के लिए बातचीत पूरी करने की कोई सख्त समयसीमा नहीं होनी चाहिए। ऐसे समझौतों पर विचार करना होता है और सावधानीपूर्वक बातचीत होती है।

Google India approaches NCLAT against CCI

IITF 2022: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में फैली है राज्यों की संस्कृति और कला, इस तारीख तक ले सकते हैं आनंद

By: निशांत चतुर्वेदी, दिल्ली | Updated at : 23 Nov 2022 06:54 AM (IST)

दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड के पवेलियन में लगी बिरसा मुंडा की मूर्ति.

दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 नवंबर से 27 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है. इसे देखने के लिए दिल्ली और आसपास के शहरों के लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं. यह ट्रेड फेयर में भारत के सभी राज्यों की अद्भुत झाकियां देखने को मिल रही हैं. मेले को 19 नवंबर से 27 नवंबर तक यह आमजन के लिए खोल दिया गया है. भारी संख्या में लोग टिकट खरीद कर प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में पहुंच रहे हैं. इसमें उन्हें राज्यों के कारीगरों के कारीगिरी की अद्भुत चमक देखने को मिल रही है. इस व्यापार मेले में सभी राज्यों की विशेषता को दर्शाने के लिए बने पवेलियन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं.

अपडेट. भारत के साथ मुक्त व्यापार पर ऑस्ट्रेलियाई संसद की मुहर

अपडेट. भारत के साथ मुक्त व्यापार पर ऑस्ट्रेलियाई संसद की मुहर

भारत के 6,000 से अधिक उत्पादों को ऑस्ट्रेलिया में मिलेगा बाजार

दोनों देशों की सहमति के बाद जनवरी 2023 से लागू होने की उम्मीद

ऑस्ट्रेलिया अपनी शत-प्रतिशत लाइन (उत्पाद) खोलेगा जिसमें हमारे उत्पादों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने किसी देश के लिए ऐसा किया है। वहां से निवेश आने का मतलब हमारे यहां रोजगार के अवसर खुलेंगे।

पीयूष गोयल, केंद्रीय उद्योग मंत्री

नई दिल्ली, ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार एजेंसियां

ऑस्ट्रेलियाई संसद ने मंगलवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मंजूरी दे दी। जनवरी 2023 से इसके लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संसद के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, बड़ी खबर-भारत के साथ हमारा मुक्त व्यापार समझौता संसद से पारित हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर आभार जताया। इस फैसले से भारत के 6,000 से अधिक उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में जगह मिलने के संभावना है।

भारत ने बांग्लादेश के साथ मुक्त व्यापार समझौते का प्रस्ताव किया

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India-UAE Trade Pact: भारत और यूएई के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू, कई क्षेत्र के उत्पादों को मिलेगा फायदा

भारत और यूएई के बीच मुक्त व्यापार समझौता रविवार से लागू हो गया है। इसे मुक्त व्यापार समझौता के तहत कपड़ा कृषि ड्राई फ्रूट्स रत्न और आभूषण जैसे कई क्षेत्रों के घरेलू निर्यातकों को लाभ होगा और उन्हें यूएई के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत और यूएई के बीच मुक्त व्यापार समझौता रविवार से लागू हो गया है, जिसके तहत कपड़ा, कृषि, ड्राई फ्रूट्स, रत्न और आभूषण जैसे विभिन्न क्षेत्रों के घरेलू निर्यातकों को यूएई के ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। वाणिज्य सचिव बीवीआर ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार सुब्रह्मण्यम ने समझौते को अमल में लाने के प्रतीकात्मक संकेत के तहत यहां रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के तीन निर्यातकों को मूल प्रमाण पत्र सौंपा है। दुबई के लिए इन खेपों पर समझौते के तहत कोई सीमा शुल्क नहीं लगेगा, जिसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार कहा जाता है।

Opinion: भारतीय रेल की बड़ी उड़ान

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 जुलाई 2014,
  • (अपडेटेड 10 जनवरी 2015, 2:05 PM IST)

दस सुरंगों और 50 पुलों से गुजरती हुई 25 किलोमीटर लंबी ऊधमपुर-कटरा रेल लाइन का चालू होना भारतीय रेल के इतिहास का एक और अध्याय है. अठारहवीं सदी के उत्तरार्ध में जिस रेल ने भारत में कदम रखा था, उसके जैसे पंख लग गए हैं और आज वे हिमालय के दुर्गम रास्तों के ऊपर भी फैल गए हैं.

यह रेल लाइन इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि यह भारत के एक बड़े धार्मिक स्थल को शेष भारत से जोड़ती है बल्कि हिमालय में भी अपनी इंजीनियरिंग और अपने कौशल का परिचय देती है. सैकड़ों सालों तक हिमालय भारत के सामने एक चुनौती की तरह खडा़ रहा और इसकी ऊंची-ऊंची पर्वतमालाओं पर रेल लाइन बिछाने की बात सोचना भी एक सपना था लेकिन अब वह पूरा होता दिख रहा है. 1,132 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह रेल लाइन अंततः जम्मू-कश्मीर के लिए एक लाइफ लाइन बन जाएगी. पिछली सदी में भारतीय रेल के इंजीनियरों और कर्मियों ने ई श्रीधरन के कुशल नेतृत्व में कोंकण रेल की परियोजना पूरी करके दुनिया भर ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार में अपनी कीर्ति फैलाई. अब जम्मू-कश्मीर में हमें इंजीनियरिंग का कमाल देखने को मिल रहा है. हिमालय पर एक बार ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार फिर विजय की तैयारी है. हिमालय पर रेल लाइन बिछाना ट्रेंड लाइनों के साथ व्यापार भारत के लिए एक रणनीतिक महत्व भी है. चीन ने जिस तरह अपनी रेल का प्रसार किया है वह हैरान कर देने वाला है. वह तिब्बत के दुर्गम रास्तों तक अपनी रेल ले आया है और अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर तक उसे पहुंचाने की तैयारी में है.

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