SSC CHSL Syllabus 2023: आ गया एसएससी सीएचएसएल का नया Syllabus और Exam Pattern

SSC CHSL Syllabus 2023: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा छात्रों के लिए संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए छात्रों को 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। सभी विद्यार्थी जोकि बारहवी कक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवेदन के अवसर दिए जा रहे हैं जिसके अंतर्गत आप सीएचएसएल भर्ती में 4500 पद हेतु आवेदन कर सकते हैं।

एसएससी सीएचएसएल भर्ती की आवेदन प्रक्रिया 6 दिसंबर 2022 से प्रारंभ की जाने फैलता है और आयोग वाली है जिसकी अंतिम तिथि 4 जनवरी 2023 होगी जिसके अंतर्गत छात्र अपने आवेदन को पूरा कर सकते हैं। आवेदन पूरा हो जाने पर छात्रों के लिए परीक्षा का इंतजार होगा जिसके लिए छात्रों को परीक्षा हेतु तैयारी करनी होती है, जिसके सिलेबस का विवरण आप हमारे लेख के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

SSC CHSL Syllabus 2023

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाता है जिसमें सीएचएसएल भर्ती परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी जिसमें प्रत्येक चरण में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को न्यूनतम अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा। आप सभी विद्यार्थियों की परीक्षा को उत्तीर्ण करना चाहते हैं उनके लिए सिलेबस प्राप्त करना आवश्यक होता है |

जिसे आधिकारिक वेबसाइट द्वारा उपलब्ध कराया जाता है जिसकी पीडी आपको आप हमारे लेख की सहायता से डाउनलोड कर सकते हैं जिसकी सहायता से आप परीक्षा में अच्छे अंक ले पाएंगे। सीएचएसएल भर्ती प्रक्रिया की परीक्षा जनवरी 2023 से प्रारंभ हो सकती है जिसके लिए छात्र जल्द से जल्द तैयारी प्रारंभ कर दे आपके लिए परीक्षा के अनुसार सिलेबस का विवरण नीचे दिया गया है जिसे आप पूरा अवश्य पढ़े |

एसएससी सीएचएसएल परीक्षा पैटर्न

संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तरीय परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है जिसके अंतर्गत छात्र ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करते हैं जिसके पश्चात छात्रों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें दो चरणों में यह परीक्षा छात्रों के लिए पूरी करनी होती है जिसमें पहला चरण कंप्यूटर आधारित होता है और दूसरा चरण लिखित परीक्षा जो की भाषा के रूप में आप सभी द्वारा पूरा किया जाता है।

छात्रों के लिए प्रत्येक परीक्षा में न्यूनतम 30% अंक प्राप्त करने होते हैं तभी आप इस भर्ती परीक्षा में उत्तरण माने जाते हैं जिसमें प्रथम चरण की परीक्षा 200 अंक की आयोजित की जाती है जिसमें 100 प्रश्न छात्रों को पूर्ण करने होते हैं जिसके पश्चात दूसरी लिखित परीक्षा छात्रों की भाषा ज्ञान की होती है जिसमें हिंदी और इंग्लिश माध्यम से आप परीक्षा पूरी करते हुए यह परीक्षा उत्तरण कर पाते हैं।

एसएससी सीएचएसएल भर्ती सिलेबस

आप सभी छात्रों के लिए आधिकारिक वेबसाइट द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है जिसके पश्चात आपके लिए आवेदन प्रक्रिया 6 दिसंबर 2022 से प्रारंभ होंगे जिसकी समस्त जानकारी आपके लिए उपलब्ध करा दी गई है जिसे आप अधिसूचना के तहत डाउनलोड कर सकते हैं।

आवेदन के बाद परीक्षा का आयोजन किया जाएगा जिसके लिए छात्रों को प्रवेश पत्र और सिलेबस की आवश्यकता होगी जिसमें सिलेबस सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसके माध्यम से छात्र परीक्षा हेतु तैयारी कर पाते हैं जैसे आप आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं इसकी पीडीएफ का विवरण आपको हमारे पेज पर दिया गया है।

एसएससी अधिसूचना 2023 – महत्वपूर्ण तिथियां

नवंबर 2022 में एसएससी द्वारा अधिसूचना जारी की गई जिसके अंतर्गत छात्रों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन का अवसर दिया गया, जिसे आप नीचे दिए गए चित्रों की सहायता से पूरा कर सकते हैं जो कुछ इस प्रकार है-

  • अधिसूचना जारी होने की तिथि – नवंबर 2022
  • आवेदन की प्रारंभिक तिथि – 6 दिसंबर 2022
  • आवेदन की अंतिम तिथि – 4 जनवरी 2023
  • परीक्षा तिथि -जल्द प्रारंभ

एसएससी सीएचएसएल भर्ती 2023 चयन प्रक्रिया

कर्मचारी चयन आयोग की यह राष्ट्रीय स्तर परीक्षा सबके लिए काफी महत्वपूर्ण होती है जिसमें की सर्वप्रथम कंप्यूटर आधारित परीक्षा का आयोजन होता है जिसके पश्चात छात्रों के लिए मेरिट सूची के आधार पर चयनित किया जाता है और वे विद्यार्थी जो सीबीटी परीक्षा उत्तरण कर लेते हैं उन्हें भाषा टेस्ट देना होता है जिसके पश्चात ही नियुक्ति पूरी होती है-

किरेन रिजिजू ने फिर दोहराया, 'कॉलेजियम सिस्टम से लोगों की भावनाएं हो रहीं आहत'

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को रद्द करना लोगों की इच्छा के खिलाफ था. सांसदों और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है.

नई दिल्ली: विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में कहा कि देश की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों की संख्या पांच करोड़ की संख्या को छूने वाली है. सरकार ने इसमें कमी लाने के लिए कदम उठाए हैं लेकिन न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में उसके पास सीमित अधिकार हैं. रिजिजू ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश की विभिन्न अदालतों में बड़ी संख्या में मामलों के लंबित होने से आम लोगों पर पड़ने वाले असर को समझा जा सकता है. उन्होंने अदालतों में बड़ी संख्या में मामलों के लंबित होने पर गहरी चिंता जतायी.

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की संख्या अधिक होने का एक अहम कारण न्यायाधीशों की संख्या भी है. उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने के लिए केंद्र के पास बहुत अधिकार नहीं हैं और उसे इसके लिए कॉलेजियम द्वारा सुझाए गए नामों पर ही विचार करना होता है और सरकार नए नाम नहीं खोज सकती है. उन्होंने कहा कि 2015 में संसद के दोनों सदनों ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी और उसे दो-तिहाई राज्यों ने भी मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि देश संविधान से और लोगों की भावना से चलता है और देश की संप्रभुता लोगों के पास है.

रिजिजू ने कहा कि लेकिन उच्चतम न्यायालय ने संबंधित कानून को रद्द कर दिया. उन्होंने कहा कि उस कानून को रद्द करने वाली पीठ में शामिल न्यायाधीशों के साथ ही कई अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं न्यायविदों ने भी कहा है कि कानून रद्द करने का वह फैसला सही नहीं था. उन्होंने कहा कि देश संविधान से और लोगों की भावना से चलता है. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी ताकत एवं पूरी योजना के साथ कदम उठाए हैं ताकि लंबित मामलों की संख्या में कमी आ सके.

न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए विधि मंत्री ने कहा कि इसमें सरकार हस्तक्षेप नहीं करती लेकिन कॉलेजियम को नियुक्ति के लिए नाम भेजते समय देश की विविधता का भी ख्याल रखना चाहिए. न्यायपालिका में आरक्षण नहीं होने का संदर्भ देते हुए रिजिजू ने कहा कि कैबिनेट में भी कोई आरक्षण नहीं होता है लेकिन प्रधानमंत्री कैबिनेट का गठन करते समय प्रयास करते है कि विभिन्न वर्गों व क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कॉलेजियम को भी गौर करना चाहिए कि सबको प्रतिनिधित्व मिले.

Year Ender 2022 साल 2022 में Lumpy Virus और Zika Virus समेत इन 5 बीमारियों ने दुनियाभर में मचाया आतंक, जानें इसके लक्षण

नई दिल्ली : साल 2021 तो शायद ही कोई भूल पाएगा क्योंकि इस साल कोरोना (Corona) का काफी आतंक था। जिसने बच्चों फैलता है और आयोग से लेकर बड़ो तक सबको हिला कर रख दिया था। तो वहीं साल 2022 भी इस मामले में कुछ कम नहीं रहा है। इस साल भी जीका वायरस और लंपी वायरस जैसे कई ऐसी बीमारियों सामने आई हैं।

कोरोना वायरस (Corona Virus) की तरह इस साल लंपी फैलता है और आयोग वायरस का भी खूब आतंक रहा है। जिसकी वजह से लाखों मवेशियों ने जान गवा दीं। आज हम आपको साल 2022 के उन बिमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनका इस साल खूब आतंक रहा है। तो आइए, जानते हैं साल 2022 की टॉप 5 बीमारियों के बारे में।

1. लंपी वायरस –

लंपी वायरस (Lumpy skin disease virus) का आतंक इस साल आपने खूब देखा होगा। आपको बता दें कि यह एक स्किन डिजीज है। जो कि गाय, भैंस और बकरी जैसी जानवरों में फैलता। जो किसी और वजह से नहीं बल्की ये एलएसडी (LSD) वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसों के खून चूसने वाले कीड़ों के कारण फैलता है। इस बीमारी के चलते इस साल भारत में लाखों मवेशियों की जान चली गई।

2. जीका वायरस –

जीका वायरस के मामले तो अभी भी हाल फिलहाल में सामने आ रहे हैं। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि भारत समेत दुनियाभर में जीका वायरस (Zika Virus) का प्रकोप साल 2022 में देखने को मिला। ये वायरस भी मच्छर के काटने से फैलता है। लेमी ये एडीज मच्छर के काटने से होता है। जिससे शरीर में लाल चक्कते, मांसपेशियों में दर्द और बुखार जैसे लक्षणों दिखाई देते हैं।

3. टोमैटो फ्लू वायरस –

टोमैटो फ्लू वायरस (Tomato Flu Virus) ने इस साल व्यापक तौर पर बच्चों को अपना शिकार बनाया। टोमैटो फ्लू वायरस के शुरुआती लक्षण कोरोना वायरस जैसे हैं। ये वायरस कॉक्ससैकीवायरस A16 के कारण होती है। इसमें हाथ, पैर और मुंह की बीमारी का कारण बनता है।

4. मंकीपॉक्स –

सेक्सुअल कांटेक्ट से तेजी से फैलने वाला वायरस मंकीपॉक्स (Monkey pox) इस साल यानी साल 2022 में दुनियाभर में सबसे चर्चित बीमारियों में से एक रहा है। ये वायरस वैरियोला वायरस, के वजह से फैला। इसने लगभग 90 देशों को अपना शिकार बना लिया था। इसमें लोगों के शरीर पर खासकर के निजी अंगों फैलता है और आयोग पर दाने देखे गए।

5. निपाह वायरस –

जानवरों से इंसानों में तेजी से फैलने वाला वायरस निपाह वायरस (Nipah Virus), एक जूनोटिक बीमारी है। फैलता है और आयोग जो भारत में केरल और दक्षिण के राज्यों में तेजी से फैली। ये बीमारी चमगादड़ या सूअर, या उनके शरीर के तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से फैली। इस बीमारी में बुखार, सांस लेने में तकलीफ, दिमागी बुखार, मांसपेशियों में दर्द, स्ट्रोक, उल्टी और गले में खराश जैसी समस्याएं सामने आई।

दुनिया: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को निपटाने की तैयारी और चीन के विदेशी अभियानों को लगा बड़ा झटका!

पाकिस्तान का चुनाव आयोग इमरान खान को उनके राजनीतिक पार्टी पीटीआई के अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी कर रहा है। पूर्वी लंदन में एक ऐतिहासिक इमारत के स्थान पर चीन को 'सुपर-एम्बेसी' बनाने की अनुमति नहीं देने का फैसला ड्रैगन के लिए बड़ा झटका माना जा राह है।

फोटो: IANS

नवजीवन डेस्क

लंदन में सुपर-दूतावास की योजना निरस्त होना चीन के विदेशी अभियानों के लिए झटका

पूर्वी लंदन में एक ऐतिहासिक इमारत के स्थान पर चीन को 'सुपर-एम्बेसी' बनाने की अनुमति नहीं देने का स्थानीय अधिकारियों का फैसला चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के विदेशों में प्रभाव बढ़ाने के अभियानों के लिए एक बड़ा झटका है। लंदन के टॉवर हैमलेट्स बोरो काउंसिल के विकास अधिकारियों ने 1 दिसंबर को पूर्व रॉयल मिंट साइट पर नए चीनी दूतावास के लिए नियोजन अनुमति के आवेदन को अस्वीकार करने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया।

आरएफए के मुताबिक, रणनीतिक विकास समिति ने कहा कि इस योजना में सैकड़ों कर्मचारियों को समायोजित करने वाला शयनगृह और एक ऐतिहासिक 'सांस्कृतिक आदान-प्रदान' भवन बनाना शामिल था। आसपास के क्षेत्र के निवासियों से दर्जनों आपत्तियां मिली थीं।

भारतीय कर्मचारी को कम वेतन देने पर ऑस्ट्रेलियाई आईटी कंपनी को कोर्ट का सामना करना पड़ा

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ऑस्ट्रेलियाई नियामक प्राधिकरण फेयर वर्क ओमबड्समेन (एफडब्ल्यूओ) ने एक आईटी कंपनी और उसके निदेशक के खिलाफ 2021 में एक भारतीय सहित अपने चार कर्मचारियों को कम भुगतान करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

मेलबर्न डिजिटल पीटीवाई लिमिटेड, एक सॉफ्टवेयर विकास कंपनी और इसके निदेशक जूलियन स्मिथ को अदालत का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि नियामक को कंपनी द्वारा विभिन्न सूचना प्रौद्योगिकी भूमिकाओं में नियोजित श्रमिकों से सहायता के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ था।

श्रमिकों (एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एक सॉफ्टवेयर डेवलपर, एक उपयोगकर्ता अनुभव डिजाइनर और एक उपयोगकर्ता इंटरफेस/उपयोगकर्ता अनुभव डिजाइनर) में एक भारतीय के साथ-साथ एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल था, जो अस्थायी स्नातक वीजा पर थे।

पाकिस्तान का चुनाव आयोग की इमरान खान को पीटीआई अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी

फोटो: IANS

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशखाना मामले में 'झूठे बयान और गलत घोषणाएं' करने के लिए अयोग्य घोषित करने के बाद पाकिस्तान का चुनाव आयोग (ईसीपी) उन्हें उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष पद से हटाने की तैयारी कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 13 दिसंबर को ईसीपी के सामने पेश होने के लिए इमरान खान को नोटिस देते हुए आयोग ने मामले में कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। ईसीपी का कहना है कि पूर्व पीएम अपने राजनीतिक दल के पद पर भी नहीं रह सकते हैं। इस घटनाक्रम की पीटीआई ने भी पुष्टि की है साथ ही जोर देकर कहा कि कानून किसी दोषी को राजनीतिक दल का पदाधिकारी बनने से नहीं रोकता है।

ब्रिटेन के वित्त क्षेत्र में 68 फीसदी भारतीय समेत जातीय अल्पसंख्यक कर्मचारियों के साथ हो रहा भेदभाव: रिपोर्ट

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एक नई रिपोर्ट में पाया गया है कि 10 में से 7, या भारतीयों सहित जातीय अल्पसंख्यक फैलता है और आयोग कर्मचारियों के 68 प्रतिशत ने यूके के वित्तीय सेवा उद्योग में भेदभाव का अनुभव किया है, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में भारी योगदान देते हैं।

वित्तीय सेवा क्षेत्र ने 2021 में यूके की अर्थव्यवस्था में 173.6 बिलियन पाउंड लाए, जो देश के कुल आर्थिक फैलता है और आयोग उत्पादन के 8.3 प्रतिशत के बराबर है। रिबूट और कोलमैन पार्क्‍स की 2022 रेस टू इक्वेलिटी इन यूके फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट फैलता है और आयोग के अनुसार, पिछले 12 महीनों में उनकी पृष्ठभूमि के आधार पर 82 प्रतिशत लोगों ने अपने संगठन में गलत टिप्पणियों का सामना किया।

रूसी नेता ने दूसरों को 'नियंत्रित' करने के लिए अमेरिका को फटकार लगाई

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दुनिया को बहु-ध्रुवीय होना चाहिए, लेकिन अमेरिका अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए अन्य देशों के विकास को रोकने का प्रयास करता है, रूसी राज्य ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने कहा। वोलोडिन ने सोमवार को मास्को में आयोजित सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन की संसदीय सभा (सीएसटीओ पीए) के 15वें पूर्ण सत्र में कहा, "वोलोडिन ने सोमवार को मास्को में आयोजित सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन की संसदीय सभा (सीएसटीओ पीए) के 15वें पूर्ण सत्र में कहा, दूसरे देशों के पारंपरिक मूल्यों, इतिहास, संस्कृति और धर्म को नष्ट करने के प्रयास में संघर्षों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।"

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी अन्य देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने और उनकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के आदी हैं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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