“देश के किसी भी गांव, कस्बे या शहर में कोई भी व्यक्ति भारतीय रुपये का इस्तेमाल करते हुए हमारे विश्वसनीय CrossTower प्लेटफॉर्म के साथ क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग शुरू कर सकता है और 40 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी (टोकन) तक पहुंच हासिल कर सकता है।”

क्रिप्टो करेंसी क्या है इसके लाभ और नुकसान

Crypto Currency kya hai नोट एवं सिक्कों के अलावा अब धीरे-धीरे एक प्रकार की और करेंसी दुनिया में प्रचलित हो रही है, जिसे क्रिप्टो करेंसी कहते हैं। इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजि़टल हस्ताक्षर द्वारा सत्यापन किया जाता है और क्रिप्टोग्राफी (Cryptography) की मदद से उसका रिकॉर्ड रखा जाता है। इसका भौतिक अस्तित्व नहीं होता। यह सिर्फ ऑनलाइन रूप से डिजिट्स के रूप में उपलब्ध रहती है। इस करेंसी से आप सामान खरीद-बेच सकते हैं अथवा निवेश कर सकते हैं। कुछ क्रिप्टो करेंसी का मूल्य उनकी लोकप्रियता के कारण काफी अधिक है, लेकिन इसके साथ एक तथ्य यह भी है कि इसके मूल्य में स्थिरता नहीं है। क्रिप्टो करेंसी के मूल्य में बहुत तेज़ी से उतार-चढाव होता रहता है, जिस कारण इसकी कीमतें दिन में बार बदलती रहती हैं।

इस करेंसी की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से विकेंद्रीकृत है अर्थात् इस पर किसी भी देश अथवा सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इसी कारण शुरुआत में इसे अवैध करार दिया गया, लेकिन बाद में BITCOIN की लोकप्रियता को देखते हुए कई देशों ने इसे वैध कर दिया। कुछ देश तो अभी भी इसके विरुद्ध हैं।

क्रिप्टो करेंसी का बाज़ार अर्थात जहाँ इनकी खरीद- फ़रोख़्त अथवा व्यापार होता है, उसे क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज, डिजि़टल करेंसी एक्सचेंज, कॉइन मार्केट, क्रिप्टो मार्केट नाम से जाना जाता है। ये एक्सचेंज क्रेडिट कार्ड, वायर ट्रांसफर और अन्य डिजि़टल माध्यमों से भुगतान स्वीकार करते हैं। यहाँ आप कागज़ी मुद्रा को क्रिप्टो करेंसी अथवा क्रिप्टो करेंसी को कागज़ी मुद्रा में बदल सकते हैं। BINANCE, COINBASE, BITFINEX, KRAKEN, BITHUMB, BITSTAMP, BITEX, COINONE , COIN CHECK, CRYPTO.COM कुछ अग्रणी एक्सचेंजों की वेबसाइटें हैं। भारत में COINSWITCH , COINDCX, WAZIRX, UNOCOIN सबसे अधिक लोकप्रिय आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज हैं।

क्रिप्टो करेंसी क्या है

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार

प्रमुख क्रिप्टो करंसियों के प्रकार हैं- ETHERIUM, (ETH), RIPPLE (XRP), LITECOIN (LTC), COSMOS (ATOM), NAMECOIN (NMC) और BITCOIN] जोकि दुनिया की पहली क्रिप्टो करेंसी है। इसे वर्ष 2009 में जापान के सतोशी नाकामोतो ने बनाया था। इस करेंसी को शुरुआत में बहुत संघर्ष करना पड़ा, लेकिन आज यह दुनिया की सबसे महंगी डिजि़टल करेंसी है। इन क्रिप्टो करंसियों के आलवा वर्तमान में 1500 से अधिक क्रिप्टो आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग करेंसी हैं।

क्रिप्टो करेंसी के लाभ

  1. डिजि़टल करेंसी होने के कारण चोरी हो जाने का डर नहीं होता।
  2. इसे खरीदना-बेचना तथा निवेश करना बहुत आसान हो जाता है, क्योंकि इसमें कई डिजि़टल वॉलेट्स उपलब्ध हैं।
  3. इसकी कीमतों में बहुत तेज़ी से उछाल आता है, जिस कारण यह निवेश हेतु अच्छा विकल्प है।

क्रिप्टो करेंसी के नुकसान

  1. इस पर किसी भी सरकारी संस्था का कोई नियंत्रण नहीं है, जिस कारण इसकी कीमतों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव आता रहता है।
  2. इसे डिजि़टल होने के कारण हैक किया जा सकता है। ETHERIUM करेंसी के साथ ऐसा हो चुका है।

भारत में क्रिप्टो करेंसी का भविष्य

कई देशों ने क्रिप्टो करेंसी को वैध कर दिया है, लेकिन कुछ देश अभी भी इसके खिलाफ़ हैं। भारत में भी उच्चतम न्यायालय द्वारा 04 मार्च, 2020 को ही इस करेंसी में निवेश एवं व्यापार पर आरबीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया गया है। क्रिप्टो करेंसी व्यापार, आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग निवेश, तकनीकी और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में तेज़ और कम खर्च वाली भविष्य की विनिमय प्रणाली की अवधारणा को प्रस्तुत करती है, लेकिन वर्तमान में इसके संदर्भ में गोपनीयता, मूल्य-अस्थिरता और विनियमन की नीति का अभाव आदि अनेक समस्याएं दिखाई पड़ती हैं। भारत सरकर ने हाल ही में यह अनिवार्य किया है कि सभी कम्पनियाँ क्रिप्टो करेंसी में किए गए निवेश की घोषणा करेंगी।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि भविष्य की जरूरतों एवं इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को देखते हुए यह आवश्यक है कि क्रिप्टो करेंसी के संदर्भ में सरकार द्वारा डिजि़टल मुद्रा के विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के बीच समन्वय को बढ़ाया जाए ताकि इस क्षेत्र के बारे में जन जागरुकता बढ़े। इसके अतिरिक्त क्रिप्टो करेंसी के विनिमयन के लिए एक मजबूत एवं पारदर्शी तंत्र का विकास किया जाए।

ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंज, CrossTower ने भारत में लॉन्च किया ‘क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’

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CrossTower India: क़ानूनी तौर पर तमाम तरीक़े की अनिश्चितताओं के बाद भी भारत में डिजिटल दुनिया के तेज प्रसार और संभावनाओं को देखते हुए क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े प्लेटफ़ॉर्म अभी से देश में अपनी जड़े मज़बूत करने में लगे हुए हैं। इसी के एज़ ताजे उदाहरण के रूप में, वैश्विक स्तर पर जाने-माने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल एसेट इन्वेस्टमेंट फर्म CrossTower ने आख़िरकार भारत में भी अपना क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है।

CrossTower की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि इसका प्ले फ़ॉर्म बेहतरीन श्रेणी के सुरक्षा उपायों, सेवाओं और क्षमताओं के साथ एक मजबूत, स्केलेबल और लचीला ढांचे को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था।

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आप सोच रहें होंगें कि भला CrossTower का भारत में आग़ाज़ करना इतना अधिक सुर्ख़ियाँ क्यों बटोर रहा है? असल में वैश्विक रूप से क्रिप्टोकरेंसी डेटा के लिए एक केंद्रीय और अग्रणी प्राधिकरण है, जिसका नाम है CryptoCompare, जो CrossTower को 152 वैश्विक एक्सचेंजों में से चौथा (4th) स्थान देता है।

आपको बता दें CryptoCompare अपनी इस क्रिप्टो एक्सचेंजों की रैंकिंग को संपत्ति और बाजार की गुणवत्ता, डेटा, सुरक्षा, केवाईसी, नियमों और टीम के पैमानों के आधार पर देता है।

CrossTower India Launch Offer

लेकिन CrossTower का देश में आग़ाज़ इसलिए भी ख़ास है क्योंकि अपने लॉन्च के एक हिस्से के रूप में CrossTower पहले 1,000 भारतीय ग्राहकों को एक्सचेंज पर अपना पहला ट्रेड करने पर ₹500 तक के अतिरिक्त बिटकॉइन (Bitcoin) अर्जित करने का मौक़ा देगा।

कंपनी का दावा रहा है कि ये उपयोगकर्ताओं को प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण की सेवा देने के साथ ही साथ ग्राहकों की सुरक्षा के लिए अहम सुरक्षा उपायों को अपनाती है।

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आँकड़ो पर गौर करें तो भारत का क्रिप्टोकरेंसी बाजार अप्रैल 2020 में $923 मिलियन से बढ़कर मई 2021 में $6.6 बिलियन हो गया है, जो कि औसतन 50 प्रतिशत से अधिक मासिक वृद्धि है। बता दें क्रिप्टोकरेंसी में अब तक 1.5 करोड़ से अधिक भारतीयों द्वारा निवेश किया जा चुका है।

वहीं Chainalysis की एक रिपोर्ट की मानें तो 154 देशों में से भारत क्रिप्टोकरेंसी अपनाने के मामले में 11वें पायदान पर है।

CrossTwoer के अनुसार भारत के लिए कंपनी का बिज़नेस मॉडल कुछ ऐसा है जो युवाओं से लेकर वयस्कों तक के लिए काफ़ी सहज है और उनके क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को आसान और सुरक्षित बनाता है।

“देश के किसी भी गांव, कस्बे या शहर में कोई भी व्यक्ति भारतीय रुपये आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग का इस्तेमाल करते हुए हमारे विश्वसनीय CrossTower प्लेटफॉर्म के साथ क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग शुरू कर सकता है और 40 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी (टोकन) तक पहुंच हासिल कर सकता है।”

बता दें CrossTower की स्थापना 2019 में कपिल राठी और क्रिस्टिन बोगियानो द्वारा डिजिटल एसेट ट्रेडिंग के रूप में की गई थी। कंपनी फ़िलहल अमेरिका और बरमूडा सहित क़रीब 81 देशों में सेवाएँ प्रदान कर रही है।

Cryptocurrency: UPI, IMPS, RTGS व NEFT के ज़रिए नहीं खरीद पा रहे हैं क्रिप्टो? रुपये में भुगतान के लिए अपना सकते हैं ये तरीका

क्रिप्टो एक्सचेंजों पर IMPS, NEFT, UPI और RTGS सेवाओं के बंद होने के बाद अब इन वर्चुअल एसेट्स में निवेश का एकमात्र विकल्प पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांजेक्शन है.

Cryptocurrency: UPI, IMPS, RTGS व NEFT के ज़रिए नहीं खरीद पा रहे हैं क्रिप्टो? रुपये में भुगतान के लिए अपना सकते हैं ये तरीका

निवेशकों के लिए अब भारतीय रुपये के ज़रिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश मुश्किल होता जा रहा है.

Cryptocurrency: भारत की क्रिप्टो पॉलिसी अभी तक स्पष्ट नहीं है और देखा जा सकता है कि सरकार व रेगुलेटरी बॉडी भारतीय रुपये (INR) के ज़रिए इन वर्चुअल डिजिटल एसेट्स में निवेश को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते निवेशकों के लिए अब क्रिप्टोकरेंसी में निवेश मुश्किल होता जा रहा है. भारत में कई क्रिप्टो एक्सचेंजों ने नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) के साथ किसी भी टकराव से बचने के लिए UPI के ज़रिए भारतीय रुपयों से क्रिप्टोकरेंसी की खरीदी के सारे विकल्प बंद कर दिए हैं. NPCI ने हाल ही में एक बयान जारी कर कहा था कि उसे भारत में किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज द्वारा यूपीआई के जरिए लेन-देन किए जाने की कोई जानकारी नहीं हैं. इस बयान के बाद ही, पेमेंट वॉलेट मोबिक्विक ने एक्सचेंजों पर क्रिप्टो ट्रेडिंग को सपोर्ट करना बंद कर दिया. पहले, यूजर्स यूपीआई के ज़रिए मोबिक्विक वॉलेट में पैसा जमा कर सकते थे और फिर एक्सचेंजों पर क्रिप्टो खरीदने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते थे.

वहीं, CoinSwitch Kuber जैसे एक्सचेंजों ने NEFT, RTGS और IMPS के ज़रिए UPI और बैंक ट्रांसफर सहित सभी डिपॉजिट सर्विसेज पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. वहीं, अन्य प्लेटफॉर्म पर अभी भी भारतीय रुपये के ज़रिए क्रिप्टो खरीदने के लिए नेटबैंकिंग का विकल्प दिख रहा है, लेकिन ऐसे बैंक बहुत कम हैं. असल में, बड़े बैंक क्रिप्टो एक्सचेंजों को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं, जिससे उनके अपने ग्राहकों के लिए क्रिप्टो खरीदना मुश्किल हो गया है.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रिप्टो को खरीदने या निवेश करने में रुचि रखने वाले बैंक ग्राहकों को वित्तीय सेवाओं से दूर रखना बहुत गलत है,खासकर जब क्रिप्टो को देश में अवैध घोषित नहीं किया गया है. EarthID में रिसर्च एंड स्ट्रेटेजी के VP शरत चंद्र ने कहा, “क्रिप्टो निवेशकों को फाइनेंशियल सर्विसेज से दूर करना बहुत गलत है. UPI और IMPS का विकल्प नहीं होने का मतलब है कि भारतीय रुपये आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग को क्रिप्टो में कनवर्ट करने का कोई आसान रास्ता नहीं है.”

क्रिप्टो एक्सचेंजों पर IMPS, NEFT, UPI और RTGS सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद करने के बाद अब इन वर्चुअल एसेट्स में निवेश का एकमात्र विकल्प पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांजेक्शन है, जो कि ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से हो सकता है. डिजिटल एसेट्स LLP के डायरेक्टर तुषार चौधरी ने FE ऑनलाइन को बताया, “P2P ट्रांजेक्शन अभी भी ओपन हैं. जब आरबीआई ने साल 2018 में क्रिप्टो के सभी बैंकिंग चैनलों पर प्रतिबंध लगा दिया था, तब भी एक्सचेंज P2P के माध्यम से चल रहे थे.

क्या P2P के ज़रिए क्रिप्टो में निवेश सुरक्षित है?

क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का कहना है कि वर्चुअल डिजिटल एसेट्स में P2P ट्रांजैक्शन उतना ही सुरक्षित है जितना कि दो इंसानों के बीच कोई ट्रांजैक्शन. चौधरी ने कहा, “क्रिप्टो में ऑथेंटिसिटी की कोई समस्या नहीं है, कोई भी आपको नकली बिटकॉइन नहीं बेच सकता है क्योंकि ब्लॉकचेन पर लेनदेन होता है. तो इसमें उतना ही जोखिम है जितना कि दो व्यक्तियों के बीच किसी भी प्रोडक्ट या किसी भी सर्विस के ऑफ़लाइन लेनदेन में होता है. इसमें कोई अतिरिक्त जोखिम नहीं है.”

चंद्र का कहना है, “P2P एक्सचेंजों पर पीयर टू पीयर क्रिप्टो ट्रेडिंग एक एस्क्रो वॉलेट (Escrow Wallet) द्वारा संचालित होती है जहां क्रिप्टो निवेशकों को अपना फंड भेजने की जरूरत होती है. डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर मल्टी-क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट सपोर्ट ऑफर किया जाता है, जिससे निवेशकों के लिए ट्रेड करना आसान हो जाता है.” उन्होंने आगे कहा कि यह ध्यान रखना अहम है कि डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर क्रिप्टो टू क्रिप्टो ट्रेडिंग में एस्क्रो वॉलेट शामिल नहीं है.

क्या सरकार P2P को भी बैन कर सकती है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार के लिए P2P ट्रांजेक्शन पर प्रतिबंध लगाना आसान नहीं होगा क्योंकि किसी भी सर्विस को खरीदना या बेचना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है. चौधरी ने आगे कहा, “सरकार कुछ भी और सब कुछ पर बैन लगा सकती है… अगर सरकार कल कहती है कि कोई भी व्यक्ति P2P के माध्यम से क्रिप्टो खरीद या बेच नहीं सकता है तो इस मामले को लेकर अदालत या न्यायपालिका का रूख किया जा सकता है, क्योंकि किसी सर्विस को खरीदना या बेचना हमारा संवैधानिक अधिकार है.”

उन्होंने आगे कहा, “सरकार क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं देती है, लेकिन उन्हें अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्रिप्टो को लेकर उनकी पॉलिसी क्या है. आरबीआई कहता रहा है कि क्रिप्टो का अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा लेकिन आज तक यह आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग साबित नहीं हो पाया है कि क्रिप्टो का देश के फाइनेंशियल मार्केट और करेंसी पर प्रतिकूल प्रभाव कैसे पड़ रहा है.”

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क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज को डिजिटल करेंसी एक्सचेंज भी कहा जाता है। यह एक ऐसा व्यापार है जिसमें लोग अपने डिजिटल परम शिष्या क्रिप्टोकरेंसीज को दूसरे संपत्तियों के लिए एक्सचेंज हैं। क्क्रेडिट कार्ड पेमेंट, या वायर ट्रांसफर आदि जैसे पेमेंट तरीकों से डिजिटल करेंसी का लेन- देन होता है।

ऐसे कई तरह के क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज होते हैं जीने से कहीं भारत में भी है, उनमें से निम्नलिखित 10 बेस्ट क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज दिए गए हैं।

यह 2016 के जून में आस्तित्व में आया, यह Alullg Bhatt, Shivam Thakral और Devansh Aggarwal द्वारा बनाया गया है। यह मंच बहुत जल्द ही क्रिप्टो करेंसी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ बन गया था, और इस मंच ने बहुत कम समय में ही कई निवेशकों का एक बड़ा समुदाय निर्माण कर लिया था।

इसका निर्माण विशेष रूप से ऐसे बनाया गया है ताकि सबके लिए इसे इस्तेमाल करना सरल हो, फिर चाहे वह अनुभवी इन्वेस्टर हो या वह इन्वेस्टर्स जो पहली बार इसके यूज कर रहे है। जब से इसको बनाया गया है, इस प्लेटफॉर्म ने $50 मिलियन USD के ट्रेड को कंडक्ट किया है, और इसने 30 से ज़्यादा cryptocurrencies को आधार देता है, और इस आंकड़े में अभी और भी नाम जोड़े जाएंगे।

डोमेस्टिक crypto currency के व्यापार के मंच में, WazriX को underdog champion माना जाता है, इसका निर्माण 2017 में हुआ था, जब काफ़ी ज़्यादा मात्रा में इनवेस्टर्स और यूजर्स के बीच डिजिटल करंसी का व्यापार बहुत प्रसिद्ध था। यह मंच, अपने यूजर सर इन्वेस्टर्स की और उनके इन्वेस्टमेंट्स की सिक्योरिटी के लिए नियमित रूप से security audits कंडक्ट करते रहता है। इसकी फीस अक्सर कम से कम 0.1% से 0.2% तक होती है। यह 5 और अलग प्लेटफार्म पर उपलब्ध है जिससे हर डोमेन पर यूजेस सरलता से एक्सचेंज कर पाते हैं।

यह मंच अपने इन्वेस्टर्स को 200 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी एक ही प्लेटफार्म पर कंडक्ट करने की सुविधा प्रदान करता है। जब बात डोमेस्टिक क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज मार्केटिंग की सेफ्टी और सिक्योरिटी की हो, तो यह प्लेटफार्म सबसे ज्यादा सेफ्टी प्रदान करने वाले प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसका फी स्ट्रक्चर मेक अ और टीचर के बीच में हुए क्रिप्टो करेंसी के प्रकार पर निर्भर करता है और जब cross-platform ट्रेड कंडक्ट किए जाते हैं तब यह प्लेटफॉर्म फीस चार्ज करता है।

इसने यूजर्स को क्रिप्टो करेंसी मार्केटिंग के बारे में उसी कीमत, उसके संपर्क, आकर्षक इंटरेस्ट रेट्स, इत्यादि चीजों में अशिष्ट करने के लिए कई प्रोडक्ट्स भी रिलीज किए हैं।

इसका निर्माण एक alumni नामक IIT ग्रुप द्वारा किया गया था। यह 2017 के december में बनाया गया था। कुछ समय पश्चात इस मंच ने स्टॉप लिमिट ऑर्डर्स को इंट्रोड्यूस किया था ताकि जो यूजर या इन्वेस्टर है, ट्रेडिंग के दौरान इस मंच पर अपने लॉसेस को मिनिमाइज कर सके। इसकी फीस अधिकतर 0.03% से 0.25% तक होती है। इसका फीस स्ट्रक्चर 11 अलग-अलग लेवल्स का होता है।

इसे साल 2017 में बनाया गया था, इस प्लेटफार्म को भी उसी डेवलपमेंट टीम ने बनाया था जिस डेवलपमेंट टीम ने CrypDates नामक प्लेटफार्म बनाया था। इस मंच का उद्देश्य अपने यूजर्स व इन्वेस्टर्स को फास्टट्रांजिक्शन स्पीड व ट्रेड एग्जीक्यूशन की सुविधा देना है। इस प्लेटफार्म का फीस स्ट्रक्चर काफी विस्तृत है, और इसकीट्रांजिक्शन फीस एक एक क्रिप्टो करेंसी के हिसाब से अलग-अलग है। इसका फीस स्ट्रक्चर एक यूजर के 30 दिन के ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर करता है। अपने यूजर्स की accessibility को बढ़ाने के लिए इस प्लेटफार्म ने एक ऐप को मोबाइल पर भी लॉन्च किया है। अपने यूजर्स के assets को सुरक्षित रखने के लिए यह प्लेटफॉर्म काफी मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम को अपनाता है।

यह प्लेटफार्म 100 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी को अपने प्लेटफार्म पर होस्ट करता है। और सुनिश्चित करता है कि इन्वेस्टर्स के लिए यह इस्तेमाल करने के लिए आसान हो, ताकि जो नए यूज़र या इन्वेस्टर्स है वह इसकी प्रोसीजर को काफी सरलता से समझ पाए। इस मंच ने अपना एक और वर्जन लॉन्च किया है, जिसका नाम है Coinswitch Kuber जो इसकी तुलना में ज्यादा सरलता से इस्तेमाल किया जा सकता है, और यह ऐप एंड्राइड प्ले स्टोर अथवा एप्पल स्टोर दोनों में पाया जाता है। इनकी ट्रांसलेशन फीस 0.49% है परंतु ट्रांजीक्शन के लिए जिस साधन का उपयोग किया गया है उस हिसाब से फीस में बदलाव होते हैं।

यहां एक ऐसा डोमेस्टिक क्रिप्टो करेंसी प्लेटफार्म है जिसे विशेष इसलिए बनाया था कि यह रुक रुक कर ना चले और इसकी प्रोसेसिंग स्पीड फास्ट हो, ताकि यूजर्स को कोई परेशानी ना हो। इसे इसकी 50,000 ट्रांजैक्शंस एक सेकंड में करने की क्षमता की वजह से इंटरनेशनली जाना जाता है। इसके साथ साथ यह प्लेटफार्म स्टेबिलिटी की भी गारंटी देता है, जबकि ऑर्डर्स की संख्या एक बार में मिलियंस तक होती है। इसका फीस शेड्यूल हर buy order पर 0.25 है, और हर sell order par 0.15 होता है ।

यह platform क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजेस के फील्ड में सबसे उत्तम प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसका निर्माण साल 2015 में किया गया था। इस मंच ने आज तक लगभग 3 मिलीयन यूजर्स को सर्व किया है। इसका fee structure काफी विस्तृत है जो तीन अलग भागों में होता है। पहली होती है maker fee, जो 0.15% है, यह तब लागु की जाती है जब जो आर्डर प्लेस किया गया है वह तुरंत मैच नहीं होता। Taker fee, अर्थात वह फीस जब order को निष्पादित कर दिया जाता है, यह 0.25% होता है। इंट्राडे fee, जो उसट्रांजिक्शन पर होता है जो, आधी रात को किया गया है, यह 0.10% होता है। नेट बैंकिंग से किए गए ट्रांजैक्शंस पर यह प्लेटफार्म कमीशन (1.75 परसेंट) भी चार्ज करता है।

यह सबसे पुरानी क्रिप्टो करेंसी ट्रेन में से एक है। इसका निर्माण 2013 में हुआ था। जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग का बैन हटाया गया था, उसके पहले से या प्लेटफार्म बनाया गया है। इसका fee structure 0.7% है, जो इस प्लेटफार्म पर हुए गए ट्रांशिक्शन पर निर्भर करता है। अपने यूजर्स को और पहुंच दिलवाने के लिए इस प्लेटफार्म ने एक ऐप भी बनाया है।

इस प्लेटफार्म पर एक ट्रस्ट फैक्टर नामक सिस्टम है जो दूसरे ट्रेडर्स को सेलर्स ढूंढने में सहायता करता है। इसके fee structure में, पहले 500000 जंक्शन पर कोई फीस नहीं चार्ज की जाति, परंतु उसके बाद हरट्रांजिक्शन पर $1 चार्ज किए जाते हैं, हर ट्रांजिक्शन पर उसका एक परसेंट चार्ज किया जाता है।

निष्कर्ष

आज का हमारा यह आर्टिकल जिसमें हमें बेस्ट 10 क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के बारे में संपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई है। मुझे पूरी उम्मीद है, कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। यदि किसी व्यक्ति को इस आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल है। तो वह हमें कमेंट के माध्यम से बता सकता है।

भारत के दिग्गज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स | What are some of the crypto trading platforms in India

भारत के दिग्गज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2018 में भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया था। यह भारतीय निवेशकों खासकर डिजिटल रूप से कुशल लोगों के लिए स्वागत योग्य कदम था। क्रिप्टो बाजार में निवेश और व्यापार में व्यस्त भारतीयों के साथ साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और बिटकॉइन एक्सचेंजों की बढ़ती संख्या इस बात की गवाही देती है।

बिनेंस एक्सचेंज को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो प्लेटफॉर्म माना जाता है, लेकिन भारत में भी कुछ लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म हैं।

  • वज़ीरएक्स एक भारतीय बिटकॉइन और क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज है जहां आप इथीरियम, रिप्पल, लिटकॉइन और बिटकॉइन में ट्रेडिंग कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको स्पॉट प्लेटफॉर्म पर 0.2% चार्ज देना होगा। वज़ीरएक्स के दावों की मानें तो इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है इसका इस्तेमाल करना आसान है, लेन-देन तेजी के साथ होता है और विश्वस्तरीय सुरक्षा इंतजाम है। वज़ीरएक्स पी2पी ट्रांजैक्शन की भी सुविधा प्रदान करता है।
    भारत में शीर्ष क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल है, खासकर नौसिखिये लोगों के लिए। आप इसके ग्राहकों के अनुकूल प्लेटफॉर्म पर तत्काल लेनदेन के माध्यम से अपना क्रिप्टो पोर्टफोलियो बना सकते हैं। विशेषज्ञ ट्रेडर कॉइन डीसीएक्स का उपयोग सिंगल एक्सेस के माध्यम से और बहुत कम स्प्रेड के साथ कर सकते हैं। उपयोगकर्ता 0.1% ट्रेडिंग शुल्क देकर 250 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी में इसके स्पॉट ट्रेडिंग, मार्जिन और फ्यूचर प्लेटफॉर्म पर खरीद और बिक्री कर सकते हैं। आप इसकी विकेन्द्रीकृत उधार सेवा में भी निवेश कर सकते हैं। का उपयोग 15 लाख से अधिक लोग करते हैं और यह भारत में सबसे पुराने क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म में से एक है। यह ऑफलाइन डेटा स्टोरेज और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के साथ सुरक्षा का भरोसा देता है। यूपीआई और बैंक हस्तांतरण की भी अनुमति है। हालांकि, बिटकॉइन ट्रेडिंग चार्ज 0.7% वसूला जाता है जो कि काफी अधिक है।
    नौसिखियों के लिए एक अन्य लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। यह ग्रेड-ए सुरक्षा आसान क्रिप्टो एक्सचेंजिंग का दावा करता है और ऑफ़लाइन कोल्ड स्टोरेज में 95% स्टोरेज के अभ्यास का पालन करता है। बिटबन्स बिटकॉइन बेचने और खरीदने के लिए यूपीआई और बैंकिंग हस्तांतरण की सुविधा देता है और साथ ही पी2पी जमा भी स्वीकार करता है। इसका ट्रेडिंग शुल्क 0.03% से 0.25% तक है। क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित रूप से भेजने और प्राप्त करने के लिए एक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है जो कि वॉलेट सेवा भी प्रदान करता है। यह 2014 से क्रिप्टोकरेंसी बाजार में है और इसने 30 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान की है। एक अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा के रूप में ज़ेबपे में आउटगोइंग लेनदेन को अक्षम करने की सुविधा है। बनाने वाले पर ट्रेडिंग शुल्क 0.15%, लेने वाले पर 0.25% और इंट्राडे पर 0.1% है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2018 में भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया था। यह भारतीय निवेशकों खासकर डिजिटल रूप से कुशल लोगों के लिए स्वागत योग्य कदम था। क्रिप्टो बाजार में निवेश और व्यापार में व्यस्त भारतीयों के साथ साथ क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और बिटकॉइन एक्सचेंजों की बढ़ती संख्या इस बात की गवाही देती है।

बिनेंस एक्सचेंज को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो प्लेटफॉर्म माना जाता है, लेकिन भारत में भी कुछ लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म हैं।

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