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India At 2047: भारत कैसे क्रिप्टो सेक्टर पर रख रहा है सतर्क रुख, अन्य देशों को लेनी चाहिए सीख

Looking Ahead, [email protected]: भारत ने अब तक क्रिप्टो करेंसी के नियामक के लिए मिलेजुले संकेतों की पेशकश की है और समय लिया है ताकि यह उद्योग के साथ-साथ निवेशकों के हितों की रक्षा भी कर सके.

By: प्रशांत कुमार | Updated at : 10 Aug 2022 05:00 PM (IST)

Edited By: Meenakshi

Crypto Regulation: क्रिप्टोकरेंसी सुर्खियों में हैं जब से सुप्रीम कोर्ट ने 2020 की शुरुआत में उन पर पूर्ण प्रतिबंध हटा दिया है. 2021 में एक्सचेंजों और तेजी से बढ़ते बाजारों के प्रसार के साथ, क्रिप्टोकरेंसी के नाम से कोई अनजान नहीं है. भारत में देर से प्रवेश करने के बावजूद क्रिप्टो दुनिया को खुले हाथों से अपनाया और आज लगभग 27 मिलियन भारतीय हैं जो क्रिप्टो संपत्ति रखते हैं, मुख्यतः टियर II और टियर III शहरों में. बता दें कि देश में एक्टिव डीमैट खातों की संख्या भी इससे थोड़ी ही ज्यादा है जो देश में दशकों से मौजूद हैं.

क्रिप्टो के क्षेत्र में केंद्र ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं
क्रिप्टोकरेंसी ऐसेट करेंसी और टेक्नोलॉजी का एक बहुत ही दिलचस्प संकेत है. वित्त मंत्रालय द्वारा अब तक उठाए गए कदमों को करीब से देखने से पता चलता है कि हमारे करेंसी रेगुलेटर तीन भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन पहलुओं को अलग तरह से देखते हैं. ऐसा लगता है कि यह मूल कारण है कि भारत ने अब तक क्रिप्टो करेंसी के नियामक के लिए मिलेजुले संकेतों की पेशकश की है और समय लिया है ताकि यह उद्योग के साथ-साथ निवेशकों के हितों की रक्षा भी कर सके.

देश में क्रिप्टो पर टैक्स का उठा कदम
यदि हम पिछले केंद्रीय बजट के दौरान की गई सभी घोषणाओं को करीब से देखें तो पाएंगे कि ज्यादातर शोर क्रिप्टो ऐसेट्स के टैक्सेशन के आसपास रहा है. हालांकि क्रिप्टो पर टैक्स एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है जिसे तब से आरबीआई ने भी इसे बार-बार दोहराया है. फिर भी ये कहना ज्यादा सही होगा कि ब्लॉकचेन पर बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी, करेंसी के मौजूदा डिजिटल संस्करण की तुलना में एडवांस्ड हैं और भारत (हमेशा की तरह) एक नई तकनीक को अपनाने के लिए खुले मन से तैयार है.

वैध डिजिटल ऐसेट के रूप में सामने आ रही है क्रिप्टो
एक और पहलू देखें तो इसे एक संपत्ति के रूप में मानने और इस पर टीडीएस और टैक्स लगाने से ये वैध ऐसेट के रूप में भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन स्थापित हो सकता है. हालांकि यह तर्क दिया जा सकता है कि क्या दरें ऊंची या कम) हैं? क्या नीति निर्माताओं को उन्हें एसटीसीजी और एलटीसीजी के समान व्यवहार करना चाहिए, क्रिप्टो पर टैक्सेशन इसे अनुमोदित करने का रेगुलेटर का तरीका है. इससे इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि अब यह किसी के लिए व्यापार करने और क्रिप्टो के मालिक होने के लिए पूरी तरह से वैध है. ये शुरुआती दिन हैं और समय बीतने के साथ और बढ़ती समझ के साथ, टैक्सेशन धीरे-धीरे अधिक निवेशक अनुकूल हो जाएगा.

निवेशकों को ना हो परेशानी
यह हमें एक मुद्रा के रूप में क्रिप्टो के तीसरे पहलू को भी सामने लाता है जिसमें कुछ देशों के विपरीत हमारे रेगुलेटर मजबूत रहे हैं. क्रिप्टो करेंसीज मूल्य का एक अत्यधिक लिक्विड भंडार हैं, और हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह भारत और विदेशों में समान रूप से निवेशकों को ट्रीट कर सके. साथ ही ये पक्का कर सके कि क्रिप्टो की सहज कमी की कोई परेशानी नहीं है

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भारत और क्रिप्टो-आगे क्या भविष्य है
वित्त मंत्री ने पिछले महीने क्रिप्टो पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बारे में बात की थी. भारत को अपने पड़ोसियों सिंगापुर और दुबई से आगे नहीं देखना चाहिए ये वो दो देश हैं जो अब सही तरीके से क्रिप्टो क्रांति का नेतृत्व करने में सबसे आगे हैं. क्रिप्टोकरेंसी एक बहुत ही दिलचस्प दोहरे व्यवहार को प्रदर्शित करता है जिसमें एक तरफ यह सभी को दिखाई देता है, लेकिन दूसरी ओर यह तब तक जिम्मेदार नहीं है जब तक यह ब्लॉकचेन पर आधारित रहता है. ये ही असल में विवाद की जड़ है और सरकार को ढांचा तैयार करना चाहिए, एक्सचेंजों के साथ साझेदारी करनी चाहिए और लाइसेंस जारी करना चाहिए ताकि हमारी (और अन्य) जैसी कंपनियां हमारे नियामकों की सुविधा के रूप में कार्य कर सकें और भारत को ब्लॉकचेन तकनीक के साथ आगे ला सकें.

अन्य देशों में क्रिप्टो की स्थिति
क्रिप्टो को अब तक विभिन्न देशों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है. अल साल्वाडोर अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ बिटकॉइन को लीगल टेंडर के रूप में अपनाने वाला पहला देश बन गया, हालांकि, इसे भारी नुकसान हुआ. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और कई क्रेडिट एजेंसियों की आलोचनाओं के बावजूद, मध्य अमेरिकी राष्ट्र ने बीटीसी को अपने राष्ट्रीय रिजर्व में जोड़ना जारी रखा और यहां तक ​​​​कि बिटकॉइन सिटी नामक एक क्रिप्टो ट्रेडिंग हब स्थापित करने की योजना का खुलासा किया. हालांकि, हाल ही में बीटीसी की कीमतों में गिरावट और कुल क्रिप्टो बाजार में गिरावट के कारण, देश के निवेश का मूल्य कम हो रहा है जिनकी अनुमानित रूप से कीमत 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा है. दूसरी ओर चीन है, जो क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और इसके विभिन्न पहलुओं पर नाटकीय रूप से अपने रुख से पलटा है, इतना अधिक कि क्रिप्टो व्यापारियों और खनिकों को अंततः देश से बाहर जाना पड़ा और अपने व्यवसाय को जारी रखने के लिए अन्य दक्षिण एशियाई देशों में ठिकाने स्थापित करने पड़े.

भारत के लिए क्रिप्टो पर सतर्कता अच्छी साबित हुई
क्रिप्टोक्यूरेंसी और इसके विभिन्न पहलुओं के लिए भारत के सतर्क दृष्टिकोण को अन्य सरकारों के लिए सीखने की अवस्था के रूप में माना जा सकता है. इस क्षेत्र को पूरी तरह से अपनाने या बैन करने का फैसला लेने से पहले समर्पित रिसर्च करनी बेहद जरूरी है जो भारत सरकार कर रही है.

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Published at : 10 Aug 2022 04:44 PM (IST) Tags: India Nirmala Sitharaman Cryptocurrency Bitcoin RBI FM digital currency Dogecoin Tether India at 2047 Crypto Regulation हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: India-at-2047 News in Hindi

खाएं-पिएं और बिल क्रिप्टोकरेंसी में चुकाएं: देश का पहला क्रिप्टो थीम बेस्ड कैफे भोपाल में; एलन मस्क भी इसके सपोर्टर, जानिए A to Z.

डिजिटल करेंसी के बढ़ते चलन के बीच भोपाल में ऐसा कैफे भी है, जहां आप क्रिप्टोकरेंसी से पेमेंट कर सकते हैं। यह एमपी का क्रिप्टोकरेंसी बेस्ड पहला कैफे है। हालांकि, देश का पहला क्रिप्टोकरेंसी बेस्ड रेस्टोरेंट दिल्ली के कनॉट पैलेस में पिछले साल से चल रहा है। ट्विटर खरीदने वाले एलन मस्क भी इस क्रिप्टोकरेंसी के सपोर्टर हैं। हम आपको बताएंगे कि आखिर क्रिप्टोकरेंसी है क्या? कैसे इससे पेमेंट की जा सकती है? इसके नफे-नुकसान क्या हैं, लेकिन सबसे पहले जानते हैं इस यूनीक कैफे के बारे में. ।

इस पोल में हिस्सा लेकर आप अपनी राय दे सकते हैं.

क्रिप्टो विला एंड कैफे भोपाल के रोहित नगर इलाके में है। ये कैफे पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी थीम पर बेस्ड है। यहां का मेन्यू भी क्रिप्टोकरेंसी थीम पर ही क्रिएट किया गया है। कैफे संचालक गौरव तिवारी के मुताबिक, डेढ़ महीने में ही कैफे में 30 से ज्यादा लोग क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांजेक्शन कर चुके हैं। लोग रुपए में भी पेमेंट कर सकते हैं।

कैफे में क्रिप्टोकरेंसी से मिलती-जुलती क्रिएटिव डिशेज हैं। क्रिप्टोकरेंसी कॉइन की तरह डिजाइन फूड आइटम्स यहां की स्पेशियलिटी है। कैफे में एक चॉकलेट बॉम्ब नाम की डिश है, जिसमें से चॉकलेट बम फटता है और अंदर से बिटकॉइन (खाने वाला) निकलता है।

कैफे संचालक का कहना है कि इस कैफे का मकसद लोगों को अवेयर करना भी है, जिससे लोग सही जगह और सही तरीके से इन्वेस्ट कर सकें। क्रिप्टोकरेंसी के 1 कॉइन की कीमत 20 हजार भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन से लेकर 30 लाख रुपए तक है। अब सवाल यह उठता है कि पेमेंट कैसे होगी? मान लीजिए आप बिटकॉइन (एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी) से पेमेंट कर रहे हैं। इस वक्त 1 बिटकॉइन की वैल्यू 30 लाख रुपए है। अगर कैफे में आपका बिल 1 हजार रुपए का बनता है तो इस हिसाब से आपको 0.00034 बिटकॉइन ही देना होगा। क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल पेमेंट भी कहते हैं।

कैसे करेंगे पेमेंट?
यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसे आप PhonePe, GPay और Paytm से पेमेंट करते हैं। क्रिप्टो-टू-क्रिप्टो पेमेंट करने के लिए एक एक्सचेंज होना चाहिए, जो कि एक ऐप है। क्रिप्टोकरेंसी में भी पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड का यूज कर सकते हैं। क्रिप्टो में पे करने के लिए कस्टमर के पास एक्सचेंज ऐप होना चाहिए। क्रिप्टो विला एंड कैफे में Binance ऐप पर पे कर सकते हैं। यहां सीधे क्रिप्टोकरेंसी टु क्रिप्टो पेमेंट होती भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन है। इसके लिए ऐप पर अकाउंट बनाकर क्रिप्टोकरेंसी खरीदना होगी।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे खरीदें?
आप क्रिप्टोकरेंसी को क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए खरीद सकते हैं। भारत में वजीरएक्स, जेबपे, कॉइनस्विच कुबेर, कॉइन डीसीएक्स गो, कॉइनबेस और बिनान्से समेत कई क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म हैं। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज साइट पर आपको साइनअप करना पड़ेगा। KYC की प्रोसेस पूरी होने के बाद आप ऐप के एक्सचेंज वॉलेट में रुपए ट्रांसफर कर सकते हैं। फिर इन रुपए से क्रिप्टोकरेंसी को खरीदा जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू घटती-बढ़ती रहती है।

क्रिप्टोकरेंसी से पेमेंट पर कितना चार्ज लगता है?
अभी क्रिप्टोकरेंसी पर किसी देश का नियंत्रण नहीं है। दरअसल, ये डीसेंट्रलाइज्ड करेंसी होती है। डीसेंट्रलाइज्ड सिस्टम में लेन-देन को डिजिटल सिग्नेचर के जरिए वेरिफाई किया जाता है। इसलिए इनके ऊपर कोई भी एजेंसी, सरकार, किसी बोर्ड का अधिकार नहीं होता, जिसके चलते इसके मूल्य को रेगुलेट नहीं किया जा सकता। क्रिप्टो टु क्रिप्टो पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं लगता है, लेकिन 2022-23 के केंद्रीय बजट भाषण में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगेगा। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी से ट्रांजेक्शन करने पर 1% का TDS भी लगता है।

भारत में क्या है क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नियम?
वैसे तो हमारे देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। RBI की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक डिजिटल रुपए को ही डिजिटल करेंसी माना जाएगा। जबकि, बिटकॉइन और इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी को एसेट माना जाएगा।

क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट के फायदे
क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए इन्वेस्ट करने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। क्रिप्टोकरेंसी में पेमेंट सिक्योर होता है। इसमें ट्रांजेक्शन फीस बेहद कम होती है।

क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट के नुकसान भी
क्रिप्टोकरेंसी किसी भी देश की सरकार द्वारा संचालित नहीं की जाती है। इसलिए फ्रॉड होने पर आप किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। अगर आपका वॉलेट ID एक बार खो जाता है तो उस वॉलेट में आपके जितने रुपए होंगे, वह सब डूब जाएंगे। क्रिप्टोकरेंसी में मार्केट बहुत flexible होता है। इसलिए इसमें इन्वेस्ट करना बहुत ही रिस्की भी है।

Investment in Cryptocurrencies: क्रिप्टोकरेंसी में कैसे करें निवेश, जानिए पूरा प्रॉसेस

दुनिया में सबसे अधिक क्रिप्टोकरेंसी के मालिक भारत में हैं. इनकी संख्या करीब 10.07 करोड़ है.

दुनिया में सबसे अधिक क्रिप्टोकरेंसी के मालिक भारत में हैं. इनकी संख्या करीब 10.07 करोड़ है.

बिटक्वाइन, इथेरियम, डॉजक्वाइन, कार्डानो सहित ज्यादातर करेंसी अपने हाई से 30 फीसदी से ज्यादा टूट चुकी हैं. बहुत सारे निव . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : January 29, 2022, 12:00 IST

Investment in Crypto Currencies: इस समय बिटक्वाइन सहित ज्यादातर मुख्य क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) में गिरावट देखने को मिल रही है. बिटक्वाइन, इथेरियम, डॉजक्वाइन, कार्डानो सहित ज्यादातर करेंसी अपने हाई से 30 फीसदी से ज्यादा टूट चुकी हैं. बहुत सारे निवेशक इस गिरावट में निवेश का मौका देख रहे हैं. वहीं, नए निवेशकों में अभी क्रिप्टो के प्रति आकर्षण बना हुआ है. लेकिन बहुत सारे निवेशकों के सामने बड़ा सवाल ये होता है कि इसमें निवेश कैसे करें.

जिस प्रकार कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई जैसे एक्सचेंजों पर खरीद-बिक्री होती है, वैसे ही क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बिटक्वाइन जैसे क्रिप्टो की खरीद-बिक्री होती है यानी कि आपको अगर बिटक्वाइन में निवेश करना है तो किसी एक्सचेंज पर जाकर आसानी से इसमें पैसे लगा सकते हैं.

निवेश का तरीका
क्रिप्टों में निवेश के लिए वजीरएक्स (WazirX), क्वाइनडेक्स (Coindex), जेबपे Zebpay, क्वाइनस्विच कुबेर (Coin Switch Kuber) और यूनोकॉइन UnoCoin जैसे एक्सचेंज हैं. क्रिप्टो में निवेश के लिए पहले आपको एक्सचेंज की साइट पर जाकर पर्सनल डिटेल्स के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. यानी डीमैट अकाउंट की तरह यहां भी आपको अपना अकाउंट खोलना होता है. फिर आप उस अकाउंट के जरिए निवेश कर सकते हैं.

स्टेपवाइज प्रॉसेस –

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भारत में क्या है क्रिप्टो का खेल, सरकार करेगी कंट्रोल, सदन में आ रहा है क्रिप्टोकरेंसी बिल

हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें उन्होंने इसे लेकर चिंता जाहिर की थी. अब इसी कड़ी में सरकार एक ऐसा बिल लाने वाली है जो क्रिप्टोकरेंसी को कंट्रोल कर सकेगा. केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ़ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill) लेकर आने वाली है. इससे सभी प्रकार की क्रिप्टकरेंसी को कंट्रोल किया जा सकेगा.

प्रतीकात्मक तस्वीर

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gnttv.com

  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2021,
  • (Updated 24 नवंबर 2021, 12:25 PM IST)

केंद्र सरकार Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021 लेकर आने वाली है.

शीतकालीन सत्र में पेश होगा नया बिल

पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर हो रहा है विचार

पिछले 4-5 साल से क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) को लेकर चर्चा तेज हुई है, इसे एक ऐसी करेंसी के रूप में देखा जाता है जिसके ऊपर किसी का कंट्रोल नहीं होता है. जैसे यूएस डॉलर को यूएस का सेंट्रल बैंक कंट्रोल करता है, भारतीय रुपये को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया कंट्रोल करता है, ऐसे ही बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी को कोई सेंट्रल बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन कंट्रोल नहीं करता है. अब इसी को लेकर भारत सरकार चिंता में है.

हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें उन्होंने इसे लेकर चिंता जाहिर की थी. अब इसी कड़ी में सरकार एक ऐसा बिल लाने वाली है जो क्रिप्टोकरेंसी को कंट्रोल कर सकेगा. केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ़ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill) लेकर आने वाली है. इससे सभी प्रकार की क्रिप्टकरेंसी पर बैन लगाया जा सकेगा.

18 नवंबर को भी सिडनी डायलॉग में भाषण देते हुए, पीएम मोदी ने सभी देशों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि क्रिप्टोकरेंसी “गलत हाथों में न जाये.”

शीतकालीन सत्र में पेश होगा नया बिल

केंद्र सरकार 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को रेग्युलेट करने और 25 अन्य कानूनों के साथ सभी तरह की प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने के लिए एक विधेयक पेश करेगी.

क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ़ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल को अभी तक आधिकारिक तौर पर कैबिनेट द्वारा अप्रूव नहीं किया गया है. इस बिल के माध्यम से भारतीय रिजर्व बैंक देश में आधिकारिक डिजिटल करेंसी के लिए एक सुविधाजनक ढांचा तैयार करेगा.

पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर हो रहा है विचार

सेंट्रल बैंक जल्द ही ऑफिशियल डिजिटल करेंसी के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रहा है. लोकसभा बुलेटिन में प्रस्तुत किये गए इस नए बिल के अनुसार, बिल भारत में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन करेगा. हालांकि, इसमें कुछ अपवाद के चलते क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग में लाई जाने वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

हालांकि, अब तक, इस विधेयक के बारे में ज्यादा जानकारी किसी को नहीं है. अभी तक इसकी कोई सटीक रूपरेखा पब्लिक डोमेन में नहीं है और न ही इसपर अभी कोई सार्वजनिक परामर्श किया गया है.

बिटकॉइन की कीमत पहुंची 60 हजार डॉलर के पास

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को लेकर "गंभीर चिंता" व्यक्त की है. इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन की कीमत, 60,000 डॉलर के आसपास पहुंच गयी है. इस साल की शुरुआत से इसकी कीमत दोगुनी से अधिक हो गई है, जो इन्वेस्टर्स को काफी आकर्षित कर रही है.

देश में इस वक्त 1.5 से 2 करोड़ क्रिप्टो इन्वेस्टर्स

दरअसल, कई लोग जहां क्रिप्टो करेंसी को इन्वेस्टमेंट के रूप में प्रयोग करते हैं तो कुछ लोग इसे अल्टरनेटिव करेंसी (Alternative currency) के रूप में लेते हैं. इंडस्ट्री का अनुमान है कि भारत में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ क्रिप्टो इन्वेस्टर्स हैं, जिनकी कुल क्रिप्टो होल्डिंग्स लगभग ₹40,000 करोड़ रुपये तक है.

दुनिया की बन रही है पहली बिटकॉइन सिटी

आज लाखों लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि जिस तरह से हम सोने का उपयोग करेंसी के रूप में करते हैं ठीक उसी तरह क्रिप्टो का कर पाएंगे. हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसपर भरोसा नहीं किया जा सकता है. आपको बता दें, वर्तमान में, एल साल्वाडोर अकेला ऐसा देश है जिसने क्रिप्टोकुरेंसी को कानूनी मान्यता दी है, उन्होंने हाल ही में दुनिया की पहली बिटकॉइन सिटी बनाने की भी घोषणा की है.

बिटकॉइन क्या है और कैसे काम करता है (Bitcoin Kya Hai)

Bitcoin क्या है?

BITCOIN KYA HAI – आजकल लोग बिटकॉइन के बारे में बहुत सारी बातें करते हैं, बिटकॉइन वास्तव में क्या है, यह कैसे काम करता है, बिटकॉइन कैसे खरीदें भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन और बिटकॉइन किस देश की मुद्रा है?

बिटकॉइन क्या है (BITCOIN KYA HAI IN HINDI)

BITCOIN – एक विकेन्द्रीकृत डिजिटल CURRENCY है जिसे आप बैंक जैसे मध्यस्थ के बिना सीधे ऑनलाइन खरीद, बेच और विनिमय कर सकते हैं। बिटकॉइन के निर्माता, सतोशी नाकामोतो है, बिटकॉइन को मूल रूप से “An Electronic Payment System Based on Cryptographic Evidence Rather than Trust” की आवश्यकता का वर्णन किया था।

BITCOIN KYA HAI IN HINDI भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन – बिटकॉइन विकेंद्रीकृत है, यह किसी भी बैंक या सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है, और क्रिप्टोक्यूरेंसी या बिटकॉइन को वर्ष 2008 में पेश किया गया था। बिटकॉइन इसलिए बनाया गया था ताकि लोग ऑनलाइन या कंप्यूटर नेटवर्किंग के आधार पर भुगतान कर सकें।

बिटकॉइन एक डिजिटल करेंसी है, एक वर्चुअल करेंसी है जिसे लोग देख नहीं सकते, छू नहीं सकते हैं. इसे केवल डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है, जिसे कोई भी लोग खरीद सकते हैं और एक दूसरे से भेज सकते हैं।

बिटकॉइन कैसे काम करता है?

बिटकॉइन क्या है और कैसे काम करता है – बिटकॉइन मूल रूप से एक “COMPUTER FILE” है जिसे स्मार्टफोन भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन या कंप्यूटर पर “DIGITAL WALLET APP” में स्टोर किया जाता है। लोग आपके डिजिटल वॉलेट में बिटकॉइन भेज सकते हैं, और आप भी अपनी बिटकॉइन को अन्य लोगों के वॉलेट में भेज सकते हैं। इस लेन-देन को ब्लॉकचेन कहा जाता है और हर एक लेन-देन एक सार्वजनिक सूची में दर्ज किया जाता है।

बिटकॉइन कितने प्रकार के होते हैं?

जानें आखिर बिटकॉइन कितने प्रकार की होते हैं.

बाजार में 18,000 से अधिक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी उपलब्ध हैं। इन क्रिप्टो सिक्कों का उपयोग निवेश वाहनों, मूल्य के भंडार के रूप में किया जाता है जिन्हें क्रिप्टो एक्सचेंजों पर खरीदा, बेचा या कारोबार किया जा सकता है।

उनमे से कुछ पॉपुलर बिटकॉइन का नाम हैं जैसे १. Bitcoin (BTC), २. Ethereum (ETH), ३. Tether (USDT)

सबसे ज्यादा पॉपुलर क्रिप्टोकोर्रेंसी कौन सी है

इस मार्केट में Bitcoin सबसे ज्यादा पॉपुलर कॉइन है और इसकी कीमत दूसरे कॉइन से ज्यादा है. लेकिन इसके अलावा कई क्रिप्टो हैं जो आजकल बहु पॉपुलर है. उनकी लिस्ट निचे दिया गया है.

  1. Bitcoin (BTC)
  2. Bitcoin Cash
  3. Ethereum (ETH)
  4. Tether (USDT)
  5. Cardano (ADA)
  6. Binance Coin (BNB)
  7. XRP (XRP)
  8. Solana (SOL)
  9. USD Coin (USDC)
  10. Ripple

यह है 10 क्रिप्टो करेंसी, सबसे ज्यादा निवेश किए जाने वाले कॉइन, सबसे ज्यादा पॉपुलर इसलिए है क्योंकि पूरी दुनिया के लोग इन कॉइन में इन्वेस्ट करना पसंद करते हैं।

बिटकॉइन की शुरुआती कीमत क्या थी?

Bitcoin की कीमत 50 लाख तक पहुंच गई है, लेकिन इसकी कीमत हमेशा बदलती रहती है।

बिटकॉइन की शुरुआती कीमत लगभग 1 डॉलर या उससे कम थी. बिटकॉइन के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी और बिटकॉइन पर ज्यादा भरोसा नहीं थी. क्योंकि कई बार कई देशों में सरकार द्वारा बिटकॉइन को रॉक भी लग चुकी थी.

FAQs: बिटकॉइन क्या है और कैसे काम करता है

Bitcoin को लेकर के लोगों को मन में जो सवाल उठता है उसका Answer देने की कोशिश की है.

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है?

बिटकॉइन को सबसे पहले जापान के भारत में कैसे खरीदें बिटकॉइन एक व्यक्ति ने बनाया था। लेकिन बिटकॉइन को किसी एक देश की करेंसी नहीं कहा जाता है। क्योंकि यह एक डिजिटल करेंसी है और इसे किसी देश के भी व्यक्ति ऑनलाइन खरीद और बेच सकता है।

Cryptocurrency Kaise Kharide?

Bitcoin खरीदना और भेजना बहुत आसान हो चुकी है, मोबाइल से बिटकॉइन खरीद सकते हैं, उसके लिए Bitcoin Trading App मोबाइल में इंसटाल करना है और अकाउंट बनाना है.

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है

बिटकॉइन को किसी एक देश की मुद्रा नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह एक डिजिटल मुद्रा है और इसे ऑनलाइन खरीदा या बेचा जा सकता है और इसे कोई भी ऑनलाइन इस्तेमाल कर सकता है। बिटकॉइन के मालिक जापान के सातोशी नाकामोतो हैं। उनका जन्म 5 अप्रैल 1975 को जापान में हुआ था।

बिटकॉइन के नुकसान

बिटकॉइन किसी भी प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित नहीं है और इसका उपयोग अवैध चीजें खरीदने के लिए किया जा सकता है। बिटकॉइन उन लोगों के लिए एक अच्छा निवेश है जो फिनटेक पर एक मौका लेना चाहते हैं जिसमें दुनिया को बदलने की क्षमता है और उन लोगों के लिए अच्छा नहीं है जो इसमें अपनी छोटी राशि का निवेश करना चाहते हैं।

बिटकॉइन का भविष्य 2022

क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार का कुल मार्केट कैप $ 2.36 ट्रिलियन है, जिसमें बिटकॉइन का कुल मूल्य $ 900 बिलियन है। 2023-24 बिटकॉइन के लिए बहुत अच्छा साल साबित होना चाहिए। लेकिन 2022 में भारत में क्रिप्टो से जुड़े कुछ नए नियम भी लागू हुए हैं जो कि टैक्स है। क्रिप्टो लेनदेन में क्रिप्टो आयकर 30 प्रतिशत और 1 प्रतिशत टीडीएस का प्रावधान।

Summary: इस पोस्ट में मैं बिटकॉइन के बारे में जानकारी देने की खोशिस की है. क्योंकि आजकल लोग बिटकॉइन के बारे में ज्यादा चर्चा करते हैं. जैसे Bitcoin Kya Hai, वास्तव में बिटकॉइन क्या है? कैसे काम करता है? बिटकोइन को कैसे खरीदे? बिटकॉइन कौन से देश की मुद्रा है? बिटकॉइन कितने प्रकार की होती है?

अगर बिटकॉइन और क्रिप्टोकोर्रेंसी के बारे में कोई सवाल है और जानकारी पाना चाहते हैं तो जरूर कमेंट करें।

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